दलेर मेहंदी की लड़खड़ाती आवाज पर सवाल, क्या है पूरा मामला?
टिहरी गढ़वाल: कुंजापुरी महोत्सव में हुआ हालिया विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। विवाद तब और ज्यादा बढ़ गया, जब सुबोध उनियाल (Subodh Uniyal) ने मंच पर जाकर दलेर मेहंदी (Daler Mehndi) को फटकार लगा दी। सुबोध उनियाल का कहना है कि लाखों रुपये देने के बाद भी दलेर मेहंदी मंच पर शराब पीकर आए थे और लिप-सिंक कर रहे थे। मतलब, बैकग्राउंड म्यूजिक के सहारे गाने बजाए जा रहे थे और कुछ बाकी मेंबर्स उनका साथ दे रहे थे।
वीडियो के हिसाब से दलेर मेहंदी की आवाज लड़खड़ाती हुई लग रही है और वह सही से बोल भी नहीं पा रहे थे। यही वजह है कि विवाद बढ़ गया।
इस पर मिका सिंह, राजपाल यादव, अनुपम खेर और एजाज खान के बयान सामने आए। उनका कहना है कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते। वहीं, मिका सिंह ने कहा कि अगर दलेर पाजी ने शराब पी होगी, तो वह फ्री में शो करेंगे। उन्होंने भुगतान को लेकर भी अपनी बात रखी।
विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है और अब इसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि मैंने मिका सिंह और दलेर मेहंदी से बात की है और अब मामला सुलझ गया है।
लेकिन यहां सवाल यह उठता है कि अगर दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते, तो उनकी आवाज क्यों लड़खड़ा रही थी? क्या उन्होंने कोई दूसरा नशा किया था? और अगर ऐसा नहीं था, तो फिर उनकी आवाज लड़खड़ाने की वजह क्या थी? कुंजापुरी जैसे देवी के धार्मिक आयोजन में इस तरह की स्थिति पैदा होना कितना उचित है?
कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि दलेर मेहंदी बीमार थे। अगर वह बीमार थे, तो क्या उन्हें ऐसी हालत में शो करना चाहिए था? आखिर यह कैसी बीमारी थी, जिसकी वजह से सिर्फ उनकी आवाज लड़खड़ा रही थी, जबकि उनके हाथों की गतिविधियां और डांस सामान्य रूप से जारी थे?




